📍 परशुरामपुर ग्राम, कलेर प्रखंड, अरवल, बिहार ✉ info@parashurampur.in
🛕 परशुराम

परशुरामपुर

आस्था, परंपरा और गर्व की भूमि

बिहार · अरवल जिला · कलेर प्रखंड

परशुरामपुर में आपका स्वागत है

पावन सोन नदी के शांत तट पर बसा यह गाँव अपनी गहरी धार्मिक आस्था, समृद्ध संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों के लिए जाना जाता है।

📍
स्थान
कलेर प्रखंड, अरवल, बिहार
🌊
नदी
सोन नदी के किनारे
🌾
मुख्य व्यवसाय
कृषि – धान, गेहूं, दलहन
🛕
प्रमुख स्थल
परशुराम मंदिर
🎉
प्रमुख पर्व
छठ, रामनवमी, होली, दीपावली
🤝
आबादी
एकता व संस्कारों से जुड़ा गाँव

परशुरामपुर की झलकियाँ

गाँव की असली तस्वीरें – प्रकृति, आस्था और जीवन

भगवान परशुराम की मूर्ति

भगवान परशुराम

परशुराम मंदिर, परशुरामपुर

सूर्यास्त सोन नदी

सूर्यास्त – सोन नदी तट

शाम की बेला में प्रकृति का अद्भुत सौंदर्य

सोन नदी

पवित्र सोन नदी

गाँव की जीवनरेखा और छठ पूजा की पावन भूमि

हरे-भरे खेत

हरे-भरे खेत

धान की लहलहाती फसल

धुंध में खेत

धुंध में खेत

सुबह की धुंध में गेहूँ की फसल

कटहल का पेड़

कटहल का पेड़

गाँव का फलदार वृक्ष

हरा-भरा बगीचा

हरा-भरा बगीचा

अमरूद और फलों का बगीचा

गाँव की पहचान

आस्था, संस्कृति और प्रकृति का अनूठा मेल

🛕

परशुराम मंदिर

भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम को समर्पित यह प्राचीन मंदिर आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। यहाँ प्रतिदिन पूजा-अर्चना होती है और वर्षभर श्रद्धालुओं का आगमन बना रहता है।

🌊

सोन नदी का तट

पवित्र सोन नदी के शांत और सुरम्य तट पर बसा यह गाँव अत्यंत मनोहारी है। सुबह-शाम का नदी का दृश्य ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा है और छठ पूजा में यहाँ विशेष भीड़ उमड़ती है।

🌾

कृषि एवं जीवनशैली

यह गाँव मुख्यतः कृषि आधारित है। यहाँ के लोग धान, गेहूं और दलहन की खेती करते हैं। उपजाऊ मिट्टी और जल स्रोतों की उपलब्धता यहाँ की कृषि को समृद्ध बनाती है।

📚

शिक्षा एवं विकास

समय के साथ परशुरामपुर भी विकास की ओर अग्रसर है। नई पीढ़ी उच्च शिक्षा में अपनी पहचान बना रही है और सड़क, बिजली व अन्य बुनियादी सुविधाओं में निरंतर सुधार हो रहा है।

प्राचीन परशुराम मंदिर – धार्मिक पहचान का केंद्र

परशुरामपुर की सबसे बड़ी पहचान यहाँ स्थित प्राचीन परशुराम मंदिर है। यह मंदिर भगवान परशुराम को समर्पित है, जिन्हें भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस स्थान का इतिहास अत्यंत प्राचीन है और यह क्षेत्र धार्मिक साधना एवं तपस्थली के रूप में भी प्रसिद्ध रहा है।

मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, यज्ञ और पूजा-पाठ यहाँ की आध्यात्मिक परंपरा को जीवंत बनाए रखते हैं।

दर्शन हेतु संपर्क करें
🛕 प्राचीन मंदिर परिसर
6वाँ भगवान विष्णु का अवतार
🌊 सोन नदी तट पर स्थित
365 दिन दर्शन उपलब्ध

पर्व एवं आयोजन

यहाँ सभी त्योहार हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाए जाते हैं

🌅

छठ पूजा

सोन नदी तट पर श्रद्धालुओं की विशाल भीड़

🪔

दीपावली

रोशनी और उत्सव का पर्व

🌸

रामनवमी

विशेष पूजा और शोभायात्रा

🎨

होली

रंगों का त्योहार – सामूहिक उत्सव

🎭

जन्माष्टमी

कृष्ण लीला मंचन और झाँकियाँ

सामाजिक जीवन एवं परंपराएं

भाईचारे और एकता की अनूठी मिसाल

🤝

सामाजिक एकता

परशुरामपुर के लोग सरल, मेहनती और मिलनसार स्वभाव के हैं। यहाँ आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

💒

रीति-रिवाज

विवाह, जन्म और अन्य सामाजिक आयोजनों में पूरे गाँव की सहभागिता देखने को मिलती है। पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन आज भी बड़े सम्मान से किया जाता है।

🌱

प्रकृति से जुड़ाव

सोन नदी के किनारे बसे होने के कारण यहाँ का प्राकृतिक वातावरण शांत और मनमोहक है। यह नदी गाँव की आत्मा है – पानी, जीवन और आस्था का प्रतीक।

संपर्क करें

📍
पता

परशुरामपुर ग्राम, कलेर प्रखंड
अरवल जिला, बिहार

📞
फ़ोन

+91 9XXXXXXXXX

ईमेल

info@parashurampur.in

🌐
वेबसाइट

www.parashurampur.in

हमसे जुड़ें